कांग्रेस सांसद और JNU के एक प्रोफेसर के खिलाफ यौन उत्पीड़न के आरोपों को लेकर दिल्ली में बीजेपी महिला मोर्चा का जबरदस्त प्रदर्शन हो रहा है। प्रोफेसर के खिलाफ यौन उत्पीड़न के आरोपों को लेकर वसंत कुंज नॉर्थ थाने में FIR दर्ज की गई है। यह मामला विश्वविद्यालय के सेंटर फॉर स्टडीज ऑफ सोशल सिस्टम्स, स्कूल ऑफ सोशल साइंसेज के प्रोफेसर अंगोमचा बिमोल अकोइजम से जुड़ा है।
क्या है पूरा मामला?
पुलिस को 11 अक्टूबर 2026 को JNU के मुख्य सुरक्षा अधिकारी की ओर से शिकायत और इससे जुड़े दस्तावेज मिले। शिकायत के आधार पर भारतीय न्याय संहिता (BNS), 2023 की धारा 75(1)(i), 75(1)(iv) और 79 के तहत मामला दर्ज किया गया है। अकोइजम को छात्राओं के यौन उत्पीड़न के आरोपों के कारण जेएनयू से बर्खास्त कर दिया गया था।
विश्वविद्यालय की कमेटी ने की थी जांच
पुलिस को दिए गए दस्तावेजों के मुताबिक, विश्वविद्यालय की इंटरनल कमेटी ने प्रोफेसर के खिलाफ मिली शिकायतों की जांच की थी। कमेटी ने शिकायत करने वाली महिलाओं के बयान, गवाहों की जानकारी और दूसरे सबूतों को देखा। रिपोर्ट में गलत तरीके से निजी बातचीत करने, यौन इशारे करने और बिना सहमति शारीरिक संपर्क जैसे आरोपों का जिक्र किया गया है।कमेटी ने अपनी रिपोर्ट में कहा कि इन घटनाओं से महिला छात्रों के लिए पढ़ाई का माहौल खराब हुआ और शिक्षक-छात्र के बीच जरूरी पेशेवर सीमाओं का पालन नहीं किया गया।
नौकरी से हटाने की सिफारिश
दस्तावेजों के अनुसार, इंटरनल कमेटी ने प्रोफेसर के खिलाफ सेवा नियमों के तहत कड़ी कार्रवाई करने की सिफारिश की थी।विश्वविद्यालय ने 9 अक्टूबर 2026 को प्रोफेसर को नौकरी से हटाने का आदेश भी जारी किया था।
पुलिस ने शुरू की जांच
FIR के मुताबिक, शिकायत में घटना की तारीख 6 मई 2026 बताई गई है। पुलिस ने मामला दर्ज कर जांच की जिम्मेदारी सब-इंस्पेक्टर कविता को सौंपी है। फिलहाल, FIR में लगाए गए आरोपों की पुलिस जांच करेगी।
आरोपों पर क्या बोले कांग्रेस सांसद?
कांग्रेस सांसद अंगोमचा बिमोल अकोइजाम ने अपने ऊपर लगे आरोपों को खारिज किया था। उन्होंने आरोप लगाने वालों और इस मामले को लेकर अभियान चलाने वालों पर निशाना साधते हुए कहा कि उनकी प्रतिष्ठा को नुकसान पहुंचाने की कोशिश की जा रही है।
यह भी पढ़ें-